Wednesday, 17 May 2017

चाँदनी के लिए।




मुझे कभी ऊंचाइयों से गिराने की कोशिश मत करना,
मैं एक सितारा हूँ, हमेशा चमकता रहूँगा।
और अगर कभी आसमान में नज़र नहीं आया तो,
समझ लेना, अमावश का चाँद बन गया हूँ, चाँदनी के लिए।

©नीतिश तिवारी


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