Monday, 19 September 2016

इतिहास बनाने को तैयार बैठे हैं।

















सुन ले बेटा पाकिस्तान,
बाप है तेरा हिन्दुस्तान।
मत भूल अपनी औकात वरना,
बन जायेगा तू कब्रिस्तान।

खैरात की दौलत को तूने अपना मान रखा है,
नेहरू गांधी के एहसानों को भुलाकर बैठा है।
कश्मीर का राग अलापने को आतंकवादी पाल रखा है,
हाफ़िज़ सईद को तूने दामाद बना कर रखा है।

तुझे मासूमों की चीख सुनाई नहीं देती,
अपने ही घर में हमलों की गूंज सुनाई नहीं देती।
खुद गड्डा खोदकर अपनों को कर रहा कुर्बान है,
अपने लिए बना रहा एक नया कब्रिस्तान है।

तेरा भूगोल बदलने को हम तैयार बैठे हैं,
तेरी औकात बताने को लाख़ों पहरेदार बैठे हैं।
अगर भूल गया तू पिछले जंग के परिणाम को तो,
फिर से इतिहास बनाने को हम तैयार बैठे हैं।

©नीतिश तिवारी।
जय भारत। जय हिन्द।

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