Thursday, 7 April 2016

ख्वाहिश की तरह।



















गुजरते वक़्त के साथ मैंने ये समझा है,
हालात कैसा भी हो अपने को जिंदा रखा है,
चाहे महफ़िल हो चाहे हो कोई वीरानी,
हर हालात में मैंने, बस मुस्कुराना सीखा है।

ऐ जिंदगी बहुत तड़पा रही है ना तू मुझे,
तुम्हारे इस तड़प की कसम सुन ले तू मुझे,
अभी जी रहा हूँ तुझे एक जरूरत की तरह,
पर एक दिन जियूँगा तुझे मैं ख्वाहिश की तरह।

©नीतिश तिवारी।


Monday, 4 April 2016

The Adorable You!




When you talk about me,
When you walk towards me,
I say...The Adorable YOU.

Somewhere deep in my heart,
You reside,
Only for my worth,
I say...The Adorable YOU.

In this imaginary world,
You are so real,
I have no fear,
Because you are here,
I say...The Adorable YOU.

Let the love begins,
Let the joy flow,
I say...The Adorable You.

©Nitish Tiwary.

Sunday, 3 April 2016

...अभी बाकी है।











इंतजार की हद अभी बाकी है,
इकरार की हद अभी बाकी है।
जिस प्यार की तलाश है मुझको,
उस प्यार की हद अभी बाकी है।

जिसको पाने की है ख्वाहिश मेरी,
उस ख्वाहिश की हद अभी बाकी है।
महबूब की गलियों से गुजरता हूँ रोज,
उनके दीदार की हद अभी बाकी है।

मेरी आँखों में है तस्वीर जिसकी,
उस तस्वीर का सँवरना अभी बाकी है।
जिसके लिए कई नज़्म लिख डाले,
उस नज़्म को गुनगुनाना अभी बाकी है।

खुशबू का महकना अभी बाकी है,
जुल्फों का उलझना अभी बाकी है।
जिस महबूब को पाने की तमन्ना है,
उस महबूब का मिलना अभी बाकी है।

©नीतिश तिवारी।

Saturday, 2 April 2016

फिर से वो धुरंधर आएगा।




















फिर से वो धुरंधर आएगा,
फिर से वो मंजर आएगा,
सूखी हुई बंजर में,
फिर से वो समंदर आएगा।


ना रुकना तुम्हे,

ना थमना तुम्हे,
बस चलते जाना है।
हार नहीं अल्प विश्राम है ये,
ज़िन्दगी का एक मुकाम है ये।

हार गए तो क्या हुआ,

जज्बा तो हमने दिखाया है,
हर मुश्किल में हर क्षण में,
सबके दिल को लुभाया है।

मन तो उदास बहुत है आज,

पर कल करेंगे फिर से प्रयास,
फिर से जमकर तैयारी होगी,
तब जीत सिर्फ हमारी होगी।

फिर से वो धुरंधर आएगा,

फिर से वो मंजर आएगा,
सूखी हुई बंजर में,
फिर से वो समंदर आएगा।

©नीतिश तिवारी।