Sunday, 3 January 2016

शहीद को सलाम।



भारत माँ का लाल था वो ,
हम सब का गुमान था वो ,
हमें छोड़कर जो चला गया ,
कितना अच्छा इंसान था वो। 

दुश्मन की गोली खाकर भी ,
भारत माँ का लाज़ बचाया ,
हर घडी हर मुश्किल में ,
उसने अपना फ़र्ज़ निभाया। 

ना रूका कभी ना थका कभी ,
हर पल बस वो चलता रहा ,
तिरंगे की शान बचाने खातिर ,
दुश्मन से वो लड़ता रहा। 

आओ करें उनका सम्मान ,
जिसने बचायी हमारी जान ,
भारत माँ के वीर सपूत को ,
हमारा है ये आखिरी सलाम। 

©नीतिश तिवारी।

9 comments:

  1. जय मां हाटेशवरी...
    आपने लिखा...
    कुछ लोगों ने ही पढ़ा...
    हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...

    इस लिये दिनांक 04/01/2016 को आप की इस रचना का लिंक होगा...
    चर्चा मंच[कुलदीप ठाकुर द्वारा प्रस्तुत चर्चा] पर...
    आप भी आयेगा....
    धन्यवाद...

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    1. आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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    2. आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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  2. बेहद भावपूर्ण रचना है नीतीश जी......

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  3. शहिदों को शत-शत नमन! सुंदर अभिव्यक्ति...

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    1. आपका शुक्रिया।

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    2. आपका शुक्रिया।

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