Sunday, 31 May 2015

कशमकश ज़िंदगी की.



अंज़ाम की फ़िक्र,
आगाज़ का डर.
कशमकश ज़िंदगी की,
न इधर जाए न उधर.
©नीतीश तिवारी

Thursday, 28 May 2015

Truth Lies In You.











It may be true,
That I won't get you.
But it's also true,
That I love you.

With the anger voice,
For the other's choice.
You left me
Between water and ice.

It may be true
That you will be happy,
But it's also true
That I won't be happy.

In the darkest night
You were my only sight.
In the heavy rain,
I want to see you again.

©Nitish Tiwary. 

Tuesday, 26 May 2015

तेरे प्यार मे आबाद मैं.















सवाँरु तेरी पलकों से कोई  ख्वाब मैं,
अंधेरों में खो जाऊं बनके कोई जवाब मैं,
गुज़ारा नही होता तेरी यादों के बिना,
किस-किस तरह दूँ प्यार का हिसाब मैं.

रुकती है नज़रें मेरी सिर्फ़ तेरे ही चेहरे पर,
कैसे ना देखूं ये खिलता हुआ गुलाब मैं,
भले ही किसी को मुहब्बत हासिल ना हुई हो,
पर रहना चाहता हूँ तेरे प्यार मे आबाद मैं.

©नीतीश तिवारी 

Monday, 11 May 2015

मस्ती भरी शायरी.


यहाँ हर दिया बुझने पर मजबूर है,
और तुम रौशनी की दरकार करते हो,
खुदा के कैसे बंदे हो तुम जो,
हर सहरी पर इफ्तार करते हो.

वो वक़्त भी गुलाम था
 वो हुस्न भी कमाल था,
हर गली मे मचा बवाल था,
क्यूंकी मेरे शहर मे उसका ननिहाल था.

©नीतीश तिवारी


Sunday, 10 May 2015

Happy Mother's Day.


जब कभी दिल घबराए,
जब कभी रोना आए,
जब कभी नींद ना आए,
तो माँ ही लोरी सुनाए.
जगत का पालनहार है तू,
सबके दिलों का प्यार है तू,
सारी खुशियाँ तुझसे है आती,
सबको जीना तू सिखाती.

                               ©नीतीश तिवारी