Thursday, 1 January 2015

Happy New Year 2015






आज मेरे ब्लॉग को पूरे दो साल हो गये हैं . 2014 में अत्यधिक व्यस्तता की वजह से कुछ कम लिख पाया.
इस वर्ष कोशिश करूँगा की ज़्यादा से ज़्यादा रचनाएँ आप सभी तक पहुँचा सकूँ .
आप सभी को नववर्ष 2015 की हार्दिक शुभकामनाएँ. नववर्ष मंगलमय हो!



                               खाली वो मंज़र होगा,
                               बेजान वो बंज़र होगा,
                             खुदा की गर रहमत ना हुई,
                              तो हैरान वो समंदर होगा.

                             पत्तों में हरियाली ना होगी,
                            ज़िंदगी में खुशहाली ना होगी,
                                खुदा की गर रहमत ना हुई,
                            तो तेरे चेहरे पे ये लाली ना होगी.

                                   शुभकामनाओं के साथ .
                                          नीतीश तिवारी



8 comments:

  1. बहुत सुन्दर .
    नव वर्ष की शुभकामनाएं !
    नई पोस्ट : संस्कृत बनाम जर्मन और विलायती पारखी

    ReplyDelete
  2. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शुक्रवार (02-01-2015) को "ईस्वीय सन् 2015 की हार्दिक शुभकामनाएँ" (चर्चा-1846) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    नव वर्ष-2015 आपके जीवन में
    ढेर सारी खुशियों के लेकर आये
    इसी कामना के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका बहुत बहुत धन्यवाद सर जी

      Delete
  3. आपको सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ .....!!

    ReplyDelete
  4. ब्लॉग की दूसरी वर्षगांठ के साथ ही नए साल 2015 की बहुत बहुत हार्दिक मंगलकामनाएं!

    ReplyDelete