Wednesday, 31 December 2014

bye bye 2014



















अब भी आरजू है तुझे सँवरने  की,
पर वक़्त को आदत नही है ठहरने की ,

अब भी चाहत  है मेरी तड़पने  की ,
तेरी हर एक साँसों में महकने की,

पलकों के साये में बिछड़ने की 
उस हसीन दारिया में उतरने की,

खूबसूरत लम्हों को क़ैद करने की, 
और फिर से हद से गुजरने की.

अलविदा 2014....

Sunday, 14 December 2014

पहले शबाब तो ओढ़ लूँ.













क़र्ज़ चुकाने से पहले हिसाब तो दे दूँ,
फ़र्ज़ निभाने से पहले जवाब तो दे दूँ,

दिन ढल जाने से पहले इकरार तो कर लूँ,
तुझे बेवफा हो जाने से पहले प्यार तो कर लूँ,

बेनकाब हो जाने से पहले नकाब तो ओढ़ लूँ,
बर्बाद हो जाने से पहले शबाब तो ओढ़ लूँ,

कायनात बदल जाने से पहले मुलाकात तो कर लूँ,
मौत आ जाने से पहले अपनी ज़िंदगी तो जी लूँ.

प्यार के साथ 
आपका नीतीश.