Tuesday, 22 October 2013

शुभकामना -करवाचौथ की .




 आज फिर आया है मौसम प्यार का,
ना जाने कब होगा दीदार चाँद का,
पिया मिलन की रात है ऐसी आयी ,
आज फिर से निखरेगा रूप मेरे यार का। 

दिल मेरा फिर से तेरा प्यार माँगे ,
प्यासे नयना फिर से तेरा दीदार माँगे ,
प्रेम,स्नेह से प्रकाशित हो दुनिया मेरी ,
ऐसा साथी पूरा जग संसार माँगे। 

9 comments:

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर.

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  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल गुरुवार (24-10-2013) को "ब्लॉग प्रसारण : अंक 155" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

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    1. मेरी रचना को सराहने के लिए आपका आभार ..आगे भी आपका सहयोग अपेक्षित रहेगा.
      धन्यवाद.

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  3. आपका यह ब्लॉग इस ब्लॉग संकलन पर शामिल किया गया है। एक बार यहाँ भी आयें और अवलोकन करें, धन्यबाद।
    ब्लॉग कलश

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  4. शुभ संध्या
    अच्छी रचनाएँ
    सादर

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    1. शुभ संध्या यशोदा जी.
      मेरी रचना सराहने के लिए धन्यवाद.

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