Thursday, 26 September 2013

अभी मुमकिन नही...


                   
                     अभी मुमकिन नही है मुहब्बत में बेवफ़ाई,
                     अभी तो मेरे दिल ने ली  है अंगड़ाई.

                     अभी मुमकिन नही है मुझसे तेरी रुसवाई
                     अभी तो नज़र आई है मुझे तेरी परछाई.

                     अभी मुमकिन नही है इन साँसों की जुदाई,
                     अभी तो मेरी धड़कन पे तुमने है हलचल मचाई.

                     अभी मुमकिन नही है मेरे घर से तेरी बिदाई,
                     अभी तो मैने तेरे लिए सेहरा है सजाई.

hope,hope and hope...


Well the word hope is something that always relates to something new in our life's.We always think about new hope to be fulfilled,sometimes our hopes are fulfilled sometimes not and if it is not fulfilled we again ready for new hope.

So basically point is that our hopes in life never ends.And this is good because at least it leads us towards an optimistic approach and that approach inspire us to achieve something in life.

So keep hoping new things in life...
till then bye bye...

Wednesday, 25 September 2013

Is Narendra Modi is solution of all problems in country?


पिछले दिनो एक खबर आई जिसका पूरे भारत के लोगों के साथ-साथ मुझे भी इंतज़ार था-नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मेदवारी का.भाजपा ने आगामी चुनाव मे मोदी जी को अपना प्रधानमंत्री के रूप मे प्रॉजेक्ट किया है.निजी  रूप से मैं भी मोदी समर्थक हूँ. जिस तरह से उन्होने पूरे गुजरात का विकास किया है,उससे उनसे पूरे देश के विकास की उम्मीद की जा रही है,और भाजपा के सत्ता मे आने के बाद वो विकास करने मे सफल भी हो जाएँ.

पर क्या वाकई नरेंद्र मोदी सभी समस्याओं का समाधान करने मे सफल रहेंगे?आज पूरा देश विभिन्न प्रकार की समस्याओं से घिरा हुआ है.महगाई से लेकर भ्रस्टाचार तक, ग़रीबी से लेकर बेरोज़गारी तक,हर तरफ देश मे हमे समस्या ही नज़र आती है.क्या कारण है की आज़ादी के इतने वर्ष बाद भी विदेशी भारत मे आकर केवल स्लम्डॉग मिलेनियर जैसी फ़िल्मे बनाने के लिए प्रेरित होते हैं.उन्हे भारत की तरक्की कम और ग़रीबी ज़्यादा नज़र आती हैं,मैं समझता हूँ की इसका सबसे बड़ा कारण है असमानता.हमारे देश मे एक ओर जहाँ ट्रेनो मे wi fi लगाए जा रहे है,वहीं दूसरी ओर आज भी ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ लोग ट्रेन देखने तक के लिए तरसते हैं. एक ओर अंबानी जी अपनी पत्नी को गिफ्ट मे जेट विमान देते हैं,तो दूसरी ओर एक ग़रीब के पास चलने के लिए साइकिल तक नही है.एक ओर सरकार फूड सेक्यूरिटी बिल की बात करती है,तो दूसरी ओर स्टेशन पर रखा हज़ारो टन गेहूँ बारिश मे भींगकर सड़ जाता है.और यही असमानता देश की तरक्की मे सबसे बड़ा बाधक है और जिस दिन इस देश की सरकार इस असमानता को काबू कर लेगी,वही देश की सच्ची तरक्की होगी मोदी जी को यही करके दिखना होगा.

वैसे तो हमारे देश मे बहुत सारी problams है लेकिन मैं मुख्यतः तीन चीज़ों पर आपका ध्यान आकर्षित करवाना चाहूँगा.

1.जनसंख्या विस्फोट- निरंतर हो रही जनसंख्या वृधि ने एक साथ कई प्रॉब्लम्स को जन्म दिया है, चाहे वो ग़रीबी हो, भ्रस्टाचार हो, या बेरोज़गारी.
सरकार को जनसंख्या नियन्त्रण के लिए कोई कारगर नीति अपनाने की ज़रूरत है.

2.भ्रस्टाचार-भ्रस्टाचार ने पूरे सिस्टम को किस तरह से खोखला कर दिया है वो हम सब जानते है.बिना पैसे दिए कहीं कोई काम नही होता. उपर से लेकर नीचे तक हर एक विभाग मे घूसखोरी हो रही है क्योंकि सरकार के पास इसे रोकने के लिए कोई कड़ा क़ानून  नही है.

3.आरक्षण-मैं समझता हूँ की आरक्षण के जो नियम संविधान मे बनाए गये थे उसमे बदलाव की ज़रूरत है.एक फॉर्म खरीदने से लेकर नौकरी पाने तक हर जगह आरक्षण है और अब तो प्रमोशन मे भी आरक्षण की बात चल रही है.देश मे सिर्फ़ एक ही ववस्था होनी चाहिए मेरिट की.

आने वाले वर्षों मे अगर सरकार इन तीन समस्याओं पर कारगर नीति बनाने मे कामयाब होती है तो ठीक है वरना फिर से भारत  एक सापों के देश के रूप मे ही जाना जाएगा.यह देखना बहुत ज़रूरी होगा की अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं तो किस तरह से देश मे व्याप्त मूलभूत समस्याओं से देश की जनता को छूटकारा दिलाने मे कामयाब होते हैं.

अंत मे मोदी जी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए जाने के लिए बधाई देता हूँ और कामना करता हूँ की वो देश के अगले प्रधानमंत्री बनें.

जय भारत जय हिंद.

Tuesday, 10 September 2013

आज भी याद है..


आज भी याद है वो लम्हा,
जब तेरी आँचल को सँभाला था मैने,

आज भी याद है वो चेहरा,
जब तेरी ज़ुल्फो को सँवारा था मैने,

आज भी याद है वो काजल,
जो तेरी नयनो में देखा था मैने,

आज भी याद है वो  पल,
जो तेरे साथ बिताया था मैने.

Monday, 9 September 2013

शायरी....फ़ुर्सत में..







                मैं तो सम्भ्ल जाऊँगा, तेरी बेवफ़ाई के बाद,

                पर हैरान हूँ ,तेरा क्या होगा मुझसे जुदाई के बाद.




                मेरी आँखों से मेरे ख्वाब चुराने वाले,

                अब आ भी जाओ मुझे सताने वाले,

   
                इनकार की बात नही,हम तो इकरार कर लेंगे,


                अब आ भी जाओ मुझे तड़पाने वाले.

                
              तुझे ख्वाबों मे ढूँढने की आदत थी ऐसी,

              कि आज तक हम नींद से जाग ना पाए.



                नीतीश.

Thursday, 5 September 2013

Happy Teacher's Day

Today we celebrated teachers day in our MCA department.
Although we can never thank our teachers enough for their efforts.Teacher's day is celebrated to show our acknowledgement and recognition of the hard work put in by our teachers towards our development.

That's why i personally believe that teaching is the best profession in this world.As we all know that teachers not only teaches us about the related subjects but also about ethics,morality and responsibility of our life and about our family and society.
Well, I am very down to earth person so for me a teacher can be anyone like our friends,relatives and our colleagues who gives some important message a point of time and the importance of that message is lot in our life.
so with these words HAPPY TEACHER'S DAY.once again.